1 00:00:01,680 --> 00:00:06,620 बड़े उपकरणों का निर्माण. 2 00:00:11,930 --> 00:00:14,840 खगोलशास्त्र एक बड़ा विज्ञान है. 3 00:00:17,430 --> 00:00:19,190 और बाहर है विराट ब्रह्माण्ड, 4 00:00:19,190 --> 00:00:23,630 और ब्रह्माण्ड के अध्ययन के लिए जरूरी हैं विशाल उपकरण. 5 00:00:28,370 --> 00:00:32,850 ये है अमेरिका के पेलोमर शिखर पर स्थित 5 मीटर व्यास की हेल परावर्तक दूरबीन. 6 00:00:32,850 --> 00:00:37,760 जब पचास वर्ष पूर्व यूरोपीयन सदर्न आब्जर्वेटरी का पदार्पण हुआ 7 00:00:37,760 --> 00:00:41,210 तब वह दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन थी. 8 00:00:42,460 --> 00:00:48,020 'ईएसओ' की सेर्रो पारनाल में लगी वैरी लार्ज टेलीस्कोप एक अद्यतन उपकरण है. 9 00:00:48,520 --> 00:00:51,330 इतिहास की सबसे शक्तिशाली वेधशाला के बतौर इसने 10 00:00:51,330 --> 00:00:55,710 हमें इस ब्रह्मांड के पूरे सौंदर्य का परिचय दिलाया जिसके हम निवासी हैं. 11 00:00:58,350 --> 00:01:02,620 पर खगोलशास्त्रियों की निगाहें और भी बड़े उपकरणों पर लगी हैं. 12 00:01:02,620 --> 00:01:05,980 और 'ईएसओ' उनके इन सपनों को साकार करने में लगी है. 13 00:01:20,330 --> 00:01:22,650 सैन पेड्रो ड एटाकामा. 14 00:01:24,020 --> 00:01:27,580 असाधारण बहार और प्राकृतिक चमत्कारों से भरी इस धरती पर 15 00:01:27,580 --> 00:01:32,100 ये मनोहर क़स्बा देशी एटाकामॉस लोगों का घर है. 16 00:01:32,100 --> 00:01:34,650 और ऐसे साहसिक पर्यटकों का भी. 17 00:01:36,910 --> 00:01:40,710 और 'ईएसओ' के खगोलशास्त्रियों और तकनीशियनों का भी. 18 00:01:46,020 --> 00:01:50,090 और सैन पेड्रो के पास ही 'ईएसओ' की पहली महत्वाकांक्षी मशीन आकार ले रही है. 19 00:01:50,090 --> 00:01:55,680 इसका नाम है 'एल्मा' यानि एटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर अरे. 20 00:01:56,760 --> 00:02:02,120 'एल्मा' यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पूर्वी एशिया का संयुक्त उद्यम है. 21 00:02:02,120 --> 00:02:05,080 ये एक विशाल ज़ूम लेंस के माफिक काम करता है. 22 00:02:05,080 --> 00:02:10,360 इसके 66 एंटेने जब पास पास होते हैं तो हमें चौड़ा दृश्य फलक देते है. 23 00:02:10,360 --> 00:02:16,260 पर इन्हें फैला दीजिए तो ये आकाश के एक छोटे से क्षेत्र का आवर्धित रूप दिखाते हैं. 24 00:02:18,390 --> 00:02:23,080 सबमिलीमीटर तरंगों में 'एल्मा' ब्रह्माण्ड का कुछ दूसरा नजारा दिखाएगा. 25 00:02:23,080 --> 00:02:24,740 वो क्या होगा? 26 00:02:26,280 --> 00:02:31,760 ब्रह्माण्ड के जन्म कुछ समय बाद हुयी प्रथम मंदाकिनियों के जन्म की प्रक्रिया. 27 00:02:34,500 --> 00:02:37,130 आण्विक गैस के ठंडे धूल भरे बादल. 28 00:02:37,130 --> 00:02:41,220 तारों की पौधशालाएं जहाँ नए सूर्यों और ग्रहों का जन्म होता है. 29 00:02:44,830 --> 00:02:47,390 और, ब्रह्मांड का रसायन शास्त्र. 30 00:02:51,190 --> 00:02:56,180 'एल्मा' जीवन के आधारस्तंभ जैविक अणुओं को खोजेगा. 31 00:03:00,280 --> 00:03:04,090 'एल्मा' के एंटेनाओं का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है. 32 00:03:05,040 --> 00:03:08,440 ऑटो और लोर नमक ये दो विशाल परिवाहक 33 00:03:08,440 --> 00:03:12,610 सम्पूरित एंटेनाओं को चायनन्तोर पठार पर ऊपर चढ़ाएंगे. 34 00:03:18,810 --> 00:03:20,710 समुद्र तल से 5000 मीटर की ऊंचाई पर 35 00:03:20,710 --> 00:03:25,000 ये एरे माईक्रोवेव ब्रह्माण्ड के अभूतपूर्व दर्शन कराएगा. 36 00:03:32,110 --> 00:03:33,970 जब 'एल्मा' लगभग पूरा हो चूका होगा, 37 00:03:33,970 --> 00:03:38,080 तब 'ईएसओ' को अपने लक्ष्य तक पहुँचने में कई और वर्ष लगेंगे. 38 00:03:38,080 --> 00:03:40,150 आप वो पर्वत शिखर देख रहे हैं? 39 00:03:40,150 --> 00:03:42,789 इसका नाम है सेरो आर्माजोंस. 40 00:03:44,920 --> 00:03:46,280 ये पारनाल से बहुत दूर नहीं है. 41 00:03:46,280 --> 00:03:51,520 यहाँ लगेगी मानव इतिहास की सबसे बड़ी दूरबीन. 42 00:03:52,020 --> 00:03:56,700 मिलिए यूरोपीय अत्यंत बड़ी दूरबीन या E-ELT से. 43 00:03:57,130 --> 00:03:59,840 ये होगी आकाश पर सधने वाली अब तक की सबसे बड़ी आँख. 44 00:04:04,620 --> 00:04:07,750 इसके दर्पण का व्यास लगभग 40 मीटर होगा. 45 00:04:07,750 --> 00:04:13,280 जिससे ये अपने से पहले की सभी दूरबीनों को बौना बना देगी. 46 00:04:15,310 --> 00:04:18,640 इसमें हैं लगभग 800 कम्पूटर नियंत्रित दर्पण के भाग 47 00:04:20,300 --> 00:04:24,530 जटिल आप्तिकी ताकि प्रखरतम चित्र मिलें. 48 00:04:27,010 --> 00:04:30,170 दूरबीन कक्ष का गुम्बद एक चर्च से भी बड़ा. 49 00:04:35,140 --> 00:04:39,550 E-ELT में सबकुछ अतिशयपूर्ण है. 50 00:04:42,690 --> 00:04:47,190 पर सबसे बड़े आश्चर्य तो वास्तव में बाहर ब्रह्माण्ड में समाये हैं. 51 00:04:52,740 --> 00:04:57,120 E-ELT उजागर करेगी दुसरे तारों के गिर्द घूमते ग्रहों को. 52 00:05:00,780 --> 00:05:04,840 इसका ऑट्स वर्णक्रममापी दूसरे धरातीत संसारों के वायुमंडलों को सूंघेगा. 53 00:05:04,840 --> 00:05:07,140 इस आशा से कि जीवन के कोइ चिह्न वहां मिल जांय. 54 00:05:10,930 --> 00:05:16,270 इसके अलावा E-ELT मंदाकिनियों के अलग अलग तारों का अध्ययन करेगी. 55 00:05:16,270 --> 00:05:21,100 ऑट्स से कम करना पड़ोस के शहर के निवासियों से प्रथम बार मिलने जैसा है. 56 00:05:22,020 --> 00:05:24,410 मानों हम ब्रह्माण्ड की टाइम मशीन पर बैठे हों. 57 00:05:24,410 --> 00:05:28,150 विशाल दूरबीन हमें समय में अरबों वर्ष पीछे ले जाती है, 58 00:05:28,150 --> 00:05:30,420 ताकि हम जान सकें कि यह सब शुरू कैसे हुआ. 59 00:05:34,290 --> 00:05:37,790 शायद यह ब्रह्मांड के त्वरण की पहेली को सुलझा ले 60 00:05:37,790 --> 00:05:42,180 वो आश्चर्यजनक तथ्य कि मंदाकिनियाँ परस्पर दूरियां निरंतर बढ़ती जा रही है. 61 00:05:42,180 --> 00:05:44,660 तेज़ी से और भी तेज़ी से. 62 00:05:56,570 --> 00:06:00,930 खगोलशास्त्र जितना बड़ा विज्ञान है उतनी ही बड़ी इसकी पहेलियाँ हैं. 63 00:06:00,930 --> 00:06:02,520 क्या धरातीत जीवन है? 64 00:06:02,520 --> 00:06:04,780 ब्रह्मांड का उद्भव कैसे हुआ? 65 00:06:05,910 --> 00:06:11,000 'ईएसओ' की नयी दैत्याकार दूरबीन हमारी इन जिज्ञासाओं को शान्त करेगी. 66 00:06:11,000 --> 00:06:15,020 हम अभी उस लक्ष्य तक पहुंचे नहीं हैं पर ज्यादा समय नहीं लगेगा. 67 00:06:15,020 --> 00:06:16,330 तो फिर क्या होगा अगला साहसिक अभियान? 68 00:06:16,330 --> 00:06:17,930 किसी को नहीं मालूम. 69 00:06:17,930 --> 00:06:20,990 पर वो जो भी हो 'ईएसओ' उसके लिए तैयार है.